पखांजुर। ब्लड कैंसर से जूझते हुए छत्तीसगढ़ बोर्ड की दसवीं परीक्षा में एक छात्रा ने अद्वितीय सफलता हासिल की है। परलकोट क्षेत्र के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोंडाहुर की छात्रा इशिका बाला ने 99.17 प्रतिशत अंक प्राप्त करके छत्तीसगढ़ राज्य 10वीं बोर्ड परीक्षा की मेरिट लिस्ट में पहला स्थान हासिल किया है।
इशिका बाला, जो ग्राम पी व्ही 51 की निवासी हैं, उनके परिवार में माता-पिता, चार बहनें और एक भाई हैं। उनके परिवार की आय का मुख्य स्रोत कृषि है। इशिका और उनके सभी भाई-बहन पढ़ाई में बेहद मेधावी हैं। इशिका ने कक्षा 8वीं और 9वीं की वार्षिक परीक्षा में भी 98 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए थे।
हालांकि, पिछले दो वर्षों से इशिका ब्लड कैंसर से जूझ रही हैं और इस कारण वह पिछले सत्र की वार्षिक परीक्षा में शामिल नहीं हो पाई थीं। परीक्षा ना देने की स्थिति में उनका परिवार निराश था, लेकिन इशिका और उनके परिवार ने हार नहीं मानी। इस सत्र में कैंसर से जंग लड़ते हुए इशिका ने दसवीं बोर्ड परीक्षा दी और सफलता हासिल की।
इशिका के पिता, शंकर बाला ने बताया कि पिछले सत्र की तिमाही परीक्षा के दौरान इशिका की तबीयत बहुत बिगड़ गई थी और नाक से खून बहने लगा था। इलाज के दौरान यह पता चला कि उन्हें ब्लड कैंसर है। आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के बावजूद, स्कूल, गांव और परिजनों ने उनकी मदद की, और अब तक इलाज पर 15 लाख रुपये से अधिक खर्च हो चुके हैं। इसमें इंडियन कैंसर सेंटर मुंबई से तीन लाख रुपये और आयुष्मान कार्ड से एक लाख रुपये की सहायता प्राप्त हुई है। फिलहाल उनका इलाज रायपुर के बालकों मेडिकल में जारी है।
इशिका बाला ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, दोस्तों, और शिक्षकों को दिया है, जिन्होंने कैंसर से जूझने के बावजूद उनका मनोबल बनाए रखा। उनकी दिली इच्छा है कि वह सिविल सर्विसेज (आईएएस) अधिकारी बनें।
विद्यालय के प्राचार्य, अरुण कुमार कीर्तनिया ने बताया कि इशिका बचपन से ही मेधावी छात्रा रही हैं। कैंसर से पीड़ित होने के बावजूद, उन्होंने कठिन संघर्ष करते हुए न केवल अपने परिवार बल्कि गोंडाहुर स्कूल का नाम भी रोशन किया है।

