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फर्टिलाइजर कंपनियों को मिली राहत, सरकार ने अमोनियम नाइट्रेट समेत कई कैमिकल्स पर कस्टम ड्यूटी में दी छूट

ईरान-इजरायल जंग के बीच सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है। मोदी सरकार ने उर्वरक कंपनियों को कस्टम ड्यूटी में छूट देने का ऐलान किया है। सरकार ने अमोनियम नाइट्रेट समेत कई कैमिकल्स पर कस्टम ड्यूटी में छूट दी है। यह छूट 2 अप्रैल से 30 जून तक लागू रहेंगी।

वित्त मंत्रालय ने जारी किया गजट नोटिफिकेशन

वित्त मंत्रालय की ओर से जारी गजट नोटिफिकेशन के मुताबिक, केंद्र सरकार ने 40 पेट्रोकेमिकल रॉ मैटेरियल और इंटरमीडिएट्स के आयात पर कस्टम ड्यूटी माफ की है। अमोनियम नाइट्रेट, मेथनॉल, फिनॉल, पीवीसी, पॉलीप्रोपाइलीन जैसे रयासन पर कस्टम ड्यूटी को घटाकर शून्य कर दिया गया है। सरकार ने कहा कि ग्लोबल क्राइसिस की वजह से जनहित में यह फैसला लिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार के इस फैसले से फर्टिलाइजर कंपनियों को बड़ी मदद मिलेगी। अमोनियम नाइट्रेट पर कस्टम ड्यूटी घटने पर खाद निर्माण में लागत घटेगी। साथ ही, सप्लाई चेन पर दवाब कम होगा। बताया जाता है कि केंद्र सरकार ने अमोनियम नाइट्रेट पर लगने वाले एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस को भी हटा दिया है।

इस फैसले से क्या होगा असर?

केंद्र सरकार के इस फैसले से उद्योगों के लिए कच्चा माल सस्ता हो जाएगा। उत्पादन लागत घटने की वजह से कीमतें स्थिर बनी रहेगी और महंगाई भी कंट्रोल में रहेगी। पेट्रोकेमिकल्स और प्लास्टिक रॉ मटेरियल पर कस्टम ड्यूटी घटने की वजह से पैकेजिंग, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और कंज्यूमर गुड्स सेक्टर पर भी दवाब कम होगा।

भारत किन देशों से आयात करता है उर्वरक

भारत दुनिया के प्रमुख उर्वरक आयातकों में से एक है, क्योंकि घरेलू उत्पादन कुछ प्रकारों (खासकर MOP) में पूरी मांग पूरी नहीं कर पाता। भारत, रूस और सउदी अरब से भारी मात्रा में उर्वरक आयात करता है। इस लिस्ट में एक और खाड़ी देश ओमान भी शामिल है। रूस, यूक्रेन के साथ संघर्षरत है, जबकि ईरान-इजरायल वार के कारण खाड़ी देशों पर ईरानी सेना व IRGC लगातार हमले कर रहा है। इससे सप्लाई चेन बाधित हुई है और उत्पादन में भी कभी आई है।

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