Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • लॉन्च से पहले छाया Xiaomi 17
    • देश की ऊर्जा सुरक्षा होगी मजबूत, भारत सरकार समुद्री गैस पाइपलाइन पर कर रहा विचार
    • महिला को जबरदस्ती बस में बैठाया, चलती बस में घंटो तक किया बलात्कार, आरोपी सड़क पर फेंककर फरार…
    • उत्तर प्रदेश में,तूफान से अब तक 101 लोगों की मौत,50 से अधिक घायल सीएम ने पीड़ित परिवारों को 24 घंटे के भीतर मुआवजा देने और राहत कार्य तेजी से पूरा करने के दिए निर्देश…
    • देर रात पेट्रोल पंपों में लगी लंबी कतारें रायपुर में पेट्रोल की किल्लत, कई इलाकों में बंद हुए पंप…
    • बंगाल में बकरीद से पहले सरकार ने जारी किया सख्त आदेश, अब बिना परमिट नहीं होगा पशु वध
    • घने जंगलों और नदी-नालों को पार कर स्वास्थ्य दूतों ने बचाई दो मासूमों की जान
    • 10 साल से खाँसी में खून की समस्या झेल रहे युवक को अम्बेडकर अस्पताल में मिली नई जिंदगी
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Thursday, May 14
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»धर्म आस्था»रुद्राक्ष धारण करना चाहते हैं तो सावन है सही समय, भगवान शिव का प्रिय रुद्राक्ष धारण करने से म‍िलेगा लाभ
    धर्म आस्था

    रुद्राक्ष धारण करना चाहते हैं तो सावन है सही समय, भगवान शिव का प्रिय रुद्राक्ष धारण करने से म‍िलेगा लाभ

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inJuly 31, 2025
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    हिंदू धर्म में रुद्राक्ष का बहुत महत्व है. मान्यता है कि रुद्राक्ष भगवान शिव के अंश के रूप में धरती पर मौजूद हैं. रुद्राक्ष के बारे में कहा जाता है कि ये भगवान शिव के आंसुओं से बने हैं और इसीलिए इन्हें बहुत पवित्र माना गया है. रुद्राक्ष धारण करने वालों पर महादेव की कृपा रहती है. शिव भक्त भगवान शंकर के प्रिय रुद्राक्ष जरूर धारण करते हैं. इससे उनके जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है. रुद्राक्ष धारण करना आध्यत्मिक रूप से लाभदायक होने के साथ साथ स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा माना जाता है. हालांकि रुद्राक्ष धारण करने को लेकर कुछ नियम भी हैं जिनका पालन करना जरूरी माना जाता है. इन नियमों का पालन करने से ही रुद्राक्ष धारण करने का पूरा लाभ प्राप्त होता है. आइए जानते हैं रुद्राक्ष धारण करने के नियम और इससे होने वाले लाभ. 

    एक मुखी से लेकर 21 मुखी रुद्राक्ष

    रुद्राक्ष धारण करना अत्यंत शुभ माना जाता है. ज्योतिषशास्त्र में बताया गया है कि रुद्राक्ष धारण करने से सभी प्रकार के कष्ट दूर हो जाते हैं. रुद्राक्ष कई प्रकार के होते हैं और ये एक मुखी से लेकर 21 मुखी तक पाए जाते हैं. हर एक तरह के रुद्राक्ष की अपनी अपनी विशेषता होती है. रुद्राक्ष को नियमानुसार और विधिपूर्वक धारण करना चाहिए तभी उनका पूरा लाभ प्राप्त होता है. 

    रुद्राक्ष धारण करने के नियम

    भगवान शिव के प्रिय माह सावन में पूरे माह शिव भक्त महादेव की पूजा अर्चना करते हैं. यह माह रुद्राक्ष धारण करने के लिए भी बहुत अच्छा समय होता है. रुद्राक्ष धारण करने से पहले शिव मंदिर में पुजारी या पंडित से रुद्राक्ष का अभिषेक और प्राण-प्रतिष्ठा कराना चाहिए. उसके बाद रुद्राक्ष को महामृत्युंजय मंत्र से अभिमंत्रित करके गले में पहनना चाहिए. रुद्राक्ष को गले में पहनना सबसे ज्यादा पवित्र माना जाता है. रुद्राक्ष को भूलकर भी गंदे व अपवित्र हाथों से स्पर्श नहीं करना चाहिए. सुबह उठने के बाद याद से गले से रुद्राक्ष की माला निकाल लेना चाहिए और स्नान के बाद ही इसे फिर धारण करना चाहिए. इसे पहनते समय ओम नम: शिवाय मंत्र का जाप करना चाहिए. रुद्राक्ष की माला में रुद्राक्षों की संख्या हमेशा विषम होनी चाहिए. 

    रुद्राक्ष पहनने से होने वाले लाभ 

    • मान्यता है कि रुद्राक्ष की माला गले में पहनने से हमेश भगवान शिव की कृपा बनी रहती है. 
    • रुद्राक्ष पहनने वाले को होने वाले कष्ट का संकेत दे देता है या फिर विपत्ति खुद पर सह लेता है.
    • रुद्राक्ष धारण करने वालों पर मां लक्ष्मी हमेशा कृपा दृष्टि बनाए रखती हैं.
    • रुद्राक्ष पहनने से सभी प्रकार के पाप मिट जाते हैं.
    • रुद्राक्ष पहनने से मन में शांति का वास रहता है और एकाग्रता बढ़ती है. 
    • रुद्राक्ष पहनने से हानिकारक ग्रहों के प्रभाव में कमी आती है.

    (Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है.)

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    अधिक मास 17 मई से शुरू, इन कामों से करें परहेज

    May 13, 2026

    निर्जला एकादशी कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

    May 12, 2026

    सूर्य-राहु-केतु का खतरनाक संयोग, 15 मई से इन 6 राशियों पर आ सकता है संकट

    May 11, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.