अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश का असर भारतीय मूल की एक अफसर, नीला राजेंद्र, पर पड़ा है। नीला NASA में उच्च पद पर कार्यरत थीं, लेकिन ट्रंप के अमेरिका में डाइवर्सिटी प्रोग्राम्स को बंद करने के फैसले के बाद NASA ने उन्हें नौकरी से निकाल दिया। NASA की जेट प्रोपल्शन लैबोरेटरी (JPL) ने ईमेल के माध्यम से सभी कर्मचारियों को यह जानकारी दी कि नीला अब NASA का हिस्सा नहीं हैं।
नीला को नौकरी से निकालने का कारण ट्रंप का आदेश था, जिसके तहत अमेरिका में चल रहे डाइवर्सिटी प्रोग्राम्स को समाप्त कर दिया गया था। इस आदेश के बाद NASA ने नीला की नौकरी बचाने के लिए उनका पद बदलने की कोशिश की थी, लेकिन अंततः उन्हें बाहर का रास्ता दिखाना पड़ा। नीला राजेंद्र NASA में डाइवर्सिटी, इक्विटी और इंक्लूशन (DEI) की अध्यक्ष थीं। ट्रंप के आदेश के बाद DEI को समाप्त कर दिया गया और नीला को हेड ऑफ ऑफिस ऑफ टीम एक्सीलेंस एंड इंप्लॉई सक्सेस के पद पर नियुक्त किया गया था, लेकिन असल में उनका कार्य DEI प्रमुख के तौर पर ही था।
🚨🇺🇸NASA BOOTS DEI CHIEF AFTER FAILING TO HIDE HER UNDER NEW TITLE
Neela Rajendra, former head of diversity at NASA’s Jet Propulsion Lab, was terminated this week after her new title—Chief of the Office of Team Excellence and Employee Success—failed to shield her from Trump’s… https://t.co/qOivEK3Nhs pic.twitter.com/F9jNqfCqpG
— Mario Nawfal (@MarioNawfal) April 12, 2025
🚨🇺🇸NASA JET PROPULSION LAB CUT 900 JOBS — BUT KEPT DEI CHIEF WITH NEW TITLE
NASA’s Jet Propulsion Lab slashed 13% of its workforce in 2024 — nearly 900 engineers, scientists, and staff — blaming budget cuts and mission delays.
But DEI chief Neela Rajendra? Still there.
In… https://t.co/4ANifX3oqT pic.twitter.com/OhnZMW7Znl
— Mario Nawfal (@MarioNawfal) April 1, 2025
नीला की नौकरी बचाने की सभी कोशिशों के बावजूद, ट्रंप के सख्त रुख के कारण NASA को उन्हें बर्खास्त करना पड़ा। NASA की जेट प्रोपल्शन लैबोरेटरी (JPL) की निदेशक लॉरी लेशिन ने कर्मचारियों को बताया कि “नीला अब JPL का हिस्सा नहीं हैं, और हम उनके योगदान के लिए हमेशा आभारी रहेंगे। हम उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं।”
ट्रंप का मानना है कि डाइवर्सिटी प्रोग्राम्स की वजह से अमेरिका में नस्ल, रंग और लिंग के आधार पर विभाजन बढ़ा है, और यह सिर्फ पैसों की बर्बादी है। उनका कहना है कि इन कार्यक्रमों से भेदभाव को बढ़ावा मिलता है, इसी वजह से उन्होंने इन प्रोग्राम्स को बंद करने का आदेश दिया।

