हैदराबाद : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने शादी को एक ऐसा अनुशासन बताया जो धर्म सिखाता है। साथ ही कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप की सच्चाई पूरी दुनिया में देखी जा सकती है। RSS प्रमुख हैदराबाद में आयोजित विश्व मांगल्य सभा के एक आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शादी एक अनुशासन है जो धर्म सिखाता है। इसका विकल्प लिव-इन रिलेशनशिप आधुनिकता है, इसके क्या नतीजे हैं? हम जिम्मेदारियां नहीं, बल्कि खुशी चाहते हैं। जब चाहें साथ रहें और जब न चाहें तो अलग हो जाएं। कोई ज़िम्मेदारी नहीं। इससे क्या बढ़ेगा? क्या बढ़ रहा है, दुनिया भर में देखिए।
हालांकि मोहन भागवत ने इस बात पर जोर दिया कि आधुनिकता भी जरूरी है और बदलते समय के साथ ढलना देश की परंपराओं का हिस्सा है। लिव-इन रिलेशनशिप का ज़िक्र करते हुए, भागवत ने आधुनिकता का स्वागत करते हुए भी इसे गिरावट और पश्चिमी संस्कृति की अंधी नकल बताया।
बच्चों को मोबाइल से दूर रखने की सलाह
मोहन भागवत ने माता-पिता से मोबाइल फोन के इस्तेमाल में अनुशासन बरतने की बात कही और नई पीढ़ी के सवालों और परिवार से जुड़े मुद्दों को सुलझाने के लिए परिवार के सदस्यों के बीच बातचीत के महत्व पर जोर दिया। नई पीढ़ी की जीवनशैली से जुड़ी चिंताओं, जैसे मोबाइल फोन का ज्यादा इस्तेमाल, पर बात करते हुए उन्होंने बड़ों से कहा कि वे खुद वैसा ही आचरण करें जैसा वे अपने बच्चों में देखना चाहते हैं।
विवाह एक अनुशासन है, जो धर्म को स्थापित करता है। इसका विकल्प ‘सह-जीवन’ संबंध है। इसके परिणाम क्या हैं? हमें जिम्मेदारियां नहीं, बल्कि सिर्फ खुशी चाहिए। जब तक मन हो साथ रहो और जब मन न हो तो अलग हो जाओ। कोई जिम्मेदारी नहीं। इससे क्या बढ़ेगा? क्या बढ़ रहा है, दुनिया भर में यह देखा जा सकता है।
मोहन भागवत
Gen Z पर भी बोले मोहन भागवत
आरएसएस चीफ ने कहा कि आप समाज में जो बदलाव देखना चाहते हैं, पहले खुद वैसे बनें। सोशल मीडिया पर अपना समय कम करें। मोबाइल के इस्तेमाल में अनुशासन रखें। हम सरकार की ओर देखते हैं। हमारी परंपरा में सरकार दूसरे नंबर पर है; समाज पहले है। (हम कहते हैं) सरकार को यह कानून या वह कानून बनाना चाहिए… हम यह काम अपने घर में भी कर सकते हैं। हम बच्चों को मोबाइल के इस्तेमाल में अनुशासन के बारे में बताते हैं, लेकिन हम खुद मोबाइल से चिपके रहते हैं। यहां तक कि अगर बच्चा रो रहा होता है, तो मां उसे मोबाइल थमा देती है।

