वक्फ संशोधन कानून को लेकर उठे राजनीतिक विवाद पर वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने अपनी स्पष्ट राय रखी। उन्होंने कहा कि इस कानून का उद्देश्य वक्फ सिस्टम में सुधार और आस्था की रक्षा करना है। नकवी ने आरोप लगाया कि कुछ लोग इस कानून को लेकर झूठ और भ्रम फैला रहे हैं, जबकि यह कानून किसी धर्म का नहीं, बल्कि देश का है। उन्होंने कहा कि वक्फ सिस्टम में जो गड़बड़ियां थीं, उनका सुधार मुल्क और मजहब की भलाई के लिए जरूरी है।
नकवी ने इस संदर्भ में कहा कि “लूट लाइसेंस की नाकेबंदी पर लूट-साहबों की लामबंदी यह साबित करती है कि वक्फ सिस्टम में सिर्फ दाल में ही नहीं, बल्कि पूरी दाल ही काली हो गई थी।” उन्होंने यह भी कहा कि वक्फ संशोधन कानून का उद्देश्य सीिंडिकेट के सांप्रदायिक संक्रमण का सफाया करना है और यह लूट की लंका में कानून का डंका है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वक्फ संशोधन कानून से न धर्म को नुकसान है, न धार्मिक स्थलों को। इस कानून से वक्फ सिस्टम के विरोधाभास और असमंजस को सुलझाकर सुधार और सशक्तिकरण का रास्ता तैयार होगा। वक्फ संशोधन कानून के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि संसद में तर्कों और तथ्यों के अभाव में लोग सड़क पर सांप्रदायिक युद्ध छेड़कर संवैधानिक सुधारों पर हमला कर रहे हैं।

