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    Home»छत्तीसगढ़»अबूझमाड़ मुठभेड़ में मारा गया कुख्यात माओवादी यसन्ना, 25 लाख का इनाम था घोषित
    छत्तीसगढ़

    अबूझमाड़ मुठभेड़ में मारा गया कुख्यात माओवादी यसन्ना, 25 लाख का इनाम था घोषित

    Chhattisgarh RajyaBy Chhattisgarh RajyaMay 22, 2025
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    अबूझमाड़
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    नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ में हाल ही में हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने 25 लाख रुपये के इनामी माओवादी यासन्ना उर्फ जंगू नवीन को ढेर कर दिया है। 60 वर्षीय यासन्ना का असली नाम सज्जा वेंकट नागेश्वर राव था और वह आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले का निवासी था। माओवादी संगठन में उसका कद काफी बड़ा था और उसे राजन्ना, मधु या यासन्ना के नाम से जाना जाता था।

    माओवादियों के सामने दो ही रास्ते: समर्पण या मौत

    अबूझमाड़ की इस बड़ी मुठभेड़ में मारे गए बसव राजू—जो कि माओवादी संगठन का महासचिव और पोलित ब्यूरो सदस्य था—की मौत के बाद माओवादियों के सामने नेतृत्व का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। बसव राजू वही व्यक्ति था जिसने माओवादी संगठन की नींव रखने में अहम भूमिका निभाई थी।

    अब जब सुरक्षा बल मार्च 2026 तक माओवादियों का पूरी तरह सफाया करने के लक्ष्य पर लगातार आक्रामक अभियान चला रहे हैं, तब बचे हुए माओवादियों के सामने केवल दो विकल्प रह गए हैं—या तो आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौट आएं या फिर जंगलों में गोलियों का सामना करें।

    सुरक्षा बलों के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, अब छत्तीसगढ़ में सक्रिय सशस्त्र माओवादियों की संख्या घटकर लगभग 250 रह गई है।

    संगठन में बिखराव की स्थिति

    बसव राजू की मौत के बाद अब माओवादी संगठन के पास कोई सशक्त नेतृत्व नहीं बचा है। किशनजी का भाई सोनू, गुडसा उसेंडी, कोसा दादा और गणेश उईके जैसे कुछ प्रमुख माओवादी अभी सक्रिय हैं, लेकिन आपसी मतभेद और नेतृत्व की लड़ाई ने संगठन को अंदर से कमजोर कर दिया है।

    अब संगठन के सामने केवल एक नाम बचा है—पूर्व महासचिव गणपति। 2018 में स्वास्थ्य कारणों से उसने नेतृत्व छोड़ दिया था और जिम्मेदारी बसव राजू को सौंप दी थी। कहा जाता है कि वह इलाज के लिए फिलीपींस गया था और अब उसकी हालत बेहतर है, लेकिन यह बेहद संदिग्ध है कि वह बिखरे हुए संगठन को फिर से खड़ा करने की कोशिश करेगा।

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