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    Home»धर्म आस्था»आधी रात से शुरू होगा पंचक, इन 5 कामों से बनाएं दूरी नहीं तो…
    धर्म आस्था

    आधी रात से शुरू होगा पंचक, इन 5 कामों से बनाएं दूरी नहीं तो…

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inJanuary 20, 2026
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    Panchak 2026: पंचक का नाम सुनते ही अक्सर लोगों के मन में हल्की-सी चिंता उत्पन्न हो जाती है। हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में पंचक काल को विशेष सावधानी का समय माना गया है। मान्यता है कि इस दौरान किए गए कुछ कार्य अशुभ फल दे सकते हैं और उनका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि पंचक क्या होता है, कब से कब तक रहेगा और इस दौरान किन कार्यों से बचना चाहिए।

    Panchak 2026 Date: कब से कब तक रहेगा पंचक?

    ज्योतिषीय गणना के अनुसार, जनवरी 2026 का पंचक आज यानी 20 जनवरी की आधी रात के बाद शुरू हो रहा है।

    पंचक का समापन:
    25 जनवरी 2026 (रविवार) को दोपहर 01:35 बजे तक

    चूंकि पंचक की शुरुआत बुधवार से हो रही है, इसलिए इसे राज पंचक कहा जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राज पंचक सामान्य पंचक की तुलना में कुछ शुभ फल भी प्रदान करता है, लेकिन इसके बावजूद कुछ कार्यों से बचना अनिवार्य माना गया है।

    क्या होता है पंचक? (What is Panchak?)
    जब चंद्रमा धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती—इन पांच नक्षत्रों में भ्रमण करता है, तब उस समय को पंचक कहा जाता है। सरल शब्दों में कहें तो जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में स्थित होता है, तब पंचक लगता है।

    ‘पंचक’ का अर्थ है पांच, और मान्यता है कि इस दौरान होने वाली शुभ या अशुभ घटना का प्रभाव पांच गुना तक बढ़ सकता है। इसी कारण इस समय विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है।

    पंचक में भूलकर भी न करें ये 5 काम
    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पंचक काल में निम्नलिखित कार्यों से विशेष रूप से बचना चाहिए—

    लकड़ी या ईंधन इकट्ठा करना
    पंचक के दौरान लकड़ी, घास-फूस या ईंधन जमा करना अशुभ माना जाता है। ऐसा करने से अग्नि से संबंधित दुर्घटनाओं का भय रहता है।

    घर की छत डलवाना
    यदि आप नया घर बनवा रहे हैं, तो पंचक में छत डालने से बचें। मान्यता है कि इससे घर में कलह और आर्थिक नुकसान हो सकता है।

    चारपाई या बेड बनवाना
    पंचक काल में नया बेड, चारपाई बुनवाना या खरीदना सुख-शांति में बाधा उत्पन्न कर सकता है।

    दक्षिण दिशा की यात्रा
    दक्षिण दिशा को यम की दिशा माना गया है। पंचक के दौरान इस दिशा में यात्रा करने से कष्ट और बाधाएं बढ़ सकती हैं।

    अंतिम संस्कार में विशेष सावधानी
    यदि पंचक के दौरान किसी की मृत्यु हो जाती है, तो शास्त्रों में विशेष नियम बताए गए हैं। शांति के लिए शव के साथ पांच प्रतीकात्मक पुतले बनाकर उनका दाह संस्कार किया जाता है, ताकि पंचक दोष शांत हो सके।

    पंचक में क्या करें? (What to Do During Panchak)
    हालांकि पंचक में कुछ कार्य वर्जित होते हैं, लेकिन सभी काम रोक दिए जाते हैं, ऐसा नहीं है।

    पंचक में किए जा सकने वाले कार्य:
    पूजा-पाठ और मंत्र जाप
    नियमित व्यापारिक गतिविधियां
    नामकरण संस्कार
    सरकारी कार्य और दस्तावेजी प्रक्रिया

    संपत्ति के लेन-देन (विशेषकर राज पंचक में)
    धार्मिक मान्यता है कि राज पंचक में किए गए सरकारी और प्रशासनिक कार्यों में सफलता मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

    धार्मिक सलाह
    किसी भी नए या बड़े कार्य की शुरुआत से पहले अपने कुलदेवता का स्मरण करें और श्रद्धा के साथ कार्य करें। यदि संभव हो, तो ज्योतिषीय सलाह लेकर ही महत्वपूर्ण निर्णय लें।

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