भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बाहरी इलाके सूखी सेवनिया में इन दिनों ‘टाइगर टेरर’ चरम पर है। पिछले दो सप्ताह से एक बाघ इस क्षेत्र में लगातार घूम रहा है, जिसके चलते एक दर्जन से अधिक गांवों के लोग खौफ के साये में जीने को मजबूर हैं। बाघ की मौजूदगी का आलम यह है कि सूरज ढलते ही गांवों की गलियों में सन्नाटा पसर जाता है और किसान दिन के समय भी खेतों पर जाने से कतरा रहे हैं।
आधा दर्जन मवेशियों का शिकार
बाघ की सक्रियता को लेकर जिला पंचायत उपाध्यक्ष मोहन सिंह जाट ने बताया कि बाघ पहाड़ी और नदी किनारे के गुप्त रास्तों का इस्तेमाल कर आबादी के करीब पहुंच रहा है। अब तक बाघ ने कनेरा, करोंद खुर्द, कड़ैया, छापर, अगरिया, मुगालिया कोट और चांचेड़ जैसे क्षेत्रों में आधा दर्जन से ज्यादा मवेशियों को अपना निवाला बनाया है। बाघ अक्सर गांव के बाहरी हिस्सों में बंधे जानवरों को निशाना बना रहा है, जिससे पशुपालकों में भारी रोष और डर है।
वन विभाग का एक्शन प्लान
सूचना मिलने के बाद वन परिक्षेत्र समरधा की टीम ने बालमपुर बीट (कक्ष क्रमांक 160) के आसपास मोर्चा संभाल लिया है। यह इलाका नेशनल टेक्निकल रिसर्च आर्गेनाइजेशन के पास स्थित है। वन विभाग की टीम ने इलाके में कई ट्रैप कैमरे लगाए हैं। शुरुआती जांच और कैमरों की फुटेज में शिकार स्थल के पास बाघ की स्पष्ट मौजूदगी दर्ज की गई है।
ग्रामीणों के लिए चेतावनी
वन अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे रात के समय जंगल या सुनसान रास्तों पर आवाजाही पूरी तरह बंद रखें। मवेशियों को खुले में बांधने के बजाय सुरक्षित बाड़ों में रखें। विभाग की गश्ती टीम 24 घंटे इलाके की निगरानी कर रही है ताकि किसी भी तरह की जनहानि को रोका जा सके।

