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असम, पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों के लिए कब बजेगी चुनाव की घंटी

असम: पश्चिम बंगाल में 116 दिनों की लंबी प्रक्रिया के बाद चुनाव आयोग ने मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का काम लगभग पूरा कर लिया है। इस 116 दिनों की गहन प्रक्रिया के दौरान लगभग 63.66 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। अब राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या घटकर 7.04 करोड़ रह गई है। ऐसा माना जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त किए न्यायिक अधिकारियों द्वारा एसआईआर (Special Intensive Revision) केलंबित मामलों के निपटारा होने के बाद चुनावों का ऐलान हो सकता है। पश्चिम बंगाल के साथ ही असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में भी चुनाव होंगे।

2021 में कब हुए थे चुनाव?
2021 में इन पांच राज्यों के लिए चुनाव की तिथियों का ऐलान 26 फरवरी को हुआ था। पिछली बार चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में चुनाव आठ चरणों में कराया था। तत्कालीन मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) रहे सुनील अरोड़ा के शेड्यूल जारी किया था। पांच राज्यों के चुनावों के नतीजे 2 मई को घोषित हुए थे। पांच राज्यों में दो राज्या एनडीए के पास हैं। इनमें असम में बीजेपी की सरकार है जब कि पुडुचेरी में एनडीए सरकार है। ऑल इंडिया एन आर कांग्रेस के नेता एन रंगास्वामी में केंद्र शासित राज्य के सीएम हैं।

राज्य/चरण:
1.तमिलनाडु-1
2. केरल-1
3. पुडुचेरी-1
4. असम-3
5. पश्चिम बंगाल-8

कहां कब हुई थी वोटिंग?
2021 में चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में पहले चरण की वोट 27 मार्च को राई थी। आखिरी चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को हुई थी। असम में असम में 27 मार्च, 1 और 6 अप्रैल को वोट डाले गए थे। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव तब कोरोना काल के खत्म होते ही हुए थे। तब आयोग ने वोटिंग के लिए एक घंटे अतिरिक्त दिया था। तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में तब 6 अप्रैल को वोट डाले गए थे। इस बार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण काम के लंबित होने के कारण चुनावों के ऐलान में देरी हुई है। संभावना जताई जा रही है कि अगले हफ्ते में 9 मार्च के बाद कभी भी चुनावों का ऐलान हो सकता है। तब तक सभी चुनाव पूर्व तैयारियां पूरी होने की उम्मीद की जा रही है।

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