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कौन हैं भावेश राेजिया? जो असली ‘रहमान डकैत’ को पकड़कर बने रियल लाइफ के धुरंधर

अहमदाबाद/सूरत: बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचाने वाले बॉलीवुड की फिल्म ‘धुरंधर’ में अभिनेता अक्षय खन्ना ने खूंखार गैंगस्टर रहमान डकैत का रोल किया था। जो पाकिस्तान के ल्यारी इलाके का कुख्यात डॉन था। गुजरात की सूरत शहर पुलिस की क्राइम ब्रांच ने रियल लाइफ के रहमान डकैत को पकड़ा है। यह सफलता डीसीपी भावेश रोजिया की अगुवाई वाली क्राइम ब्रांच ने हासिल की है। क्राइम ब्रांच ने मध्यप्रदेश भोपाल के नामी गैंगस्टर आबिद अली, उर्फ राजू ईरानी, उर्फ रहमान डकैत को सूरत के लालगेट से अरेस्ट किया। क्राइम ब्रांच के ऑपरेशन की खूबी यह रही कि इसमें एक भी गोली नहीं चली।

छह राज्यों की पुलिस खोज रही थी
आबिद अली, उर्फ राजू ईरानी, उर्फ रहमान डकैत को एक दो नहीं बल्कि छह राज्यों की पुलिस खोज रही थी। वह मध्य प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत सात से ज़्यादा राज्यों में वॉन्टेड था। पिछले महीने वह भोपाल में ईरानी डेरा में पुलिस रेड के दौरान कथित तौर पर पत्थरबाजी का सहारा लेकर भागने में कामयाब हो गया था। उसके भागने के बाद, पुलिस ने बताया कि वह सूरत चला गया और अपने साले के घर छिप गया, लेकिन सूरत शहर पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उसे दबोच लिया।

नाम बदलना मॉड्स ऑपरेंडी का हिस्सा
आबिद अली कुख्यात ‘ईरानी डेरा’ गैंग का मास्टरमाइंड है। वह भोपाल से ऑपरेट करता था और डकैती, धोखाधड़ी और आगजनी जैसे गंभीर अपराधों में शामिल था। पुलिस ने बताया कि उस पर कई मामलों में MCOCA जैसे सख्त कानूनों के तहत केस दर्ज किया गया है। सूरत सिटी क्राइम ब्रांच के अनुसार आरोपी ने जानबूझकर स्थानीय लोगों में डर फैलाने के लिए ‘रहमान डकैत’ नाम अपनाया था। आरोपी का मानना था कि छिपने के दौरान उसे दबदबा बनाने में मदद मिलेगी। जांचकर्ताओं ने कहा कि हर गिरफ्तारी के बाद पहचान बदलना और जाली दस्तावेज़ों का इस्तेमाल करना उसकी एक मुख्य रणनीति थी, जिसने उसे सालों तक पुलिस से बचने में मदद की। रहमान डकैत को हथकड़ी पहनाकर गुजरात पुलिस के तेजतर्रार ऑफिसर भावेश रोजिया फिर चर्चा में हैं।

कौन हैं भावेश रोजिया ?
भावेश रोजिया भी 2004 में गुजरात पुलिस से बतौर PSI (पुलिस सब इंस्पेक्टर) के तौर जुड़े थे। इसके बाद वे नियमानुसार प्रमोशन पाते हुए डिप्टी एसपी (उप पुलिस अधीक्षक) तक पहुंचे। इसके बाद उन्हें सूरत शहर में एसीपी की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बाद गुजरात सरकार के प्रमोशन देकर DCP बना दिया था। भावेश रोजिया ने गांधीनगर सीरियल किलर के केस को सॉल्व करने के साथ ड्रग्स की बड़ी-बड़ी खेप पकड़ी। इनमें उन्होंने पाकिस्तानी और ईरानी के साथ अफगानियों को हिरासत में लिया। ड्यूटी में 100 प्रतिशत देने वाले राेजिया की गिनती गुजरात में एक कर्मठ पुलिस ऑफिसर के तौर होती है।

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