
बिलासपुर। बिल्हा में स्थित शिवशंकर ज्वेलर्स नामक सोने-चांदी की दुकान से तीन महिलाएं पिछले तीन सालों से खरीदारी के बहाने लगातार चोरी कर रही थीं। दुकान में हो रहे घाटे से परेशान व्यवसायी मनोहर जायसवाल ने जब सीसीटीवी फुटेज की जांच की, तो उसमें महिलाएं जेवर चुराते हुए नजर आईं।
उन्होंने इसकी शिकायत बिल्हा थाने में दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस और व्यवसायी ने संयुक्त रूप से नजर रखनी शुरू की। रविवार को जब महिलाएं फिर से दुकान में पहुंचीं, तो पुलिस ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया। पूछताछ में महिलाओं ने स्वीकार किया कि वे तीन साल से इस तरह चोरी कर रही थीं। पुलिस ने उनके पास से 23 तोला सोना और डेढ़ किलो चांदी जब्त किया है।
कुछ जेवर उन्होंने पहले ही एक महिला के पति को बेचने के लिए दे दिए थे। आरोपितों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
सीसीटीवी फुटेज से खुला राज
व्यवसायी ने बताया कि स्टॉक मिलान के दौरान उन्हें चोरी का शक हुआ, जिसके बाद उन्होंने दुकान में लगे कैमरों के फुटेज की जांच की। 2 अप्रैल के फुटेज में तीन महिलाएं स्पष्ट रूप से चोरी करते दिखीं।
जांच में और नाम आ सकते हैं सामने
डीएसपी अनिता प्रभा मिंज ने बताया कि चोरी के इस मामले में और लोगों के भी शामिल होने की संभावना है। पूछताछ जारी है और अन्य दुकानों से भी चोरी की जांच की जा रही है।
जांच टीम में ये अधिकारी रहे शामिल
इस मामले की जांच और गिरफ्तारी में बिल्हा थाना प्रभारी उमेश कुमार साहू, एसीसीयू के निरीक्षक अजहर, प्रधान आरक्षक बलराम विश्वकर्मा, आरक्षक संतोष मरकाम, सुमन कश्यप, अविनाश कश्यप, बोधु कुम्हार, महिला आरक्षक जिवंती भगत और सुनीता पाटले की अहम भूमिका रही।



