मेडिकल साइंस और टेक्नोलॉजी की दुनिया में भारत ने एक ऐसा कारनामा कर दिखाया है जिसे सुनकर कोई भी दंग रह जाएगा. सोचिए डॉक्टर बैठा है हरियाणा के गुरुग्राम में और मरीज का ऑपरेशन हो रहा है 1600 किलोमीटर दूर हैदराबाद के अस्पताल में. जी हां, यह कोई साइंस फिक्शन फिल्म की कहानी नहीं बल्कि बिल्कुल सच है. दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल और वीएमएमसी (VMMC) के यूरोलॉजी विभाग के हेड प्रोफेसर (डॉ.) अनूप कुमार ने देश की पहली रोबोटिक टेलीसर्जरी को पूरी तरह सफल बनाकर इतिहास रच दिया है.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी इस ऐतिहासिक उपल्बधि की जमकर तारीफ की है.
क्या था पूरा मामला और कैसे हुआ ऑपरेशन
हैदराबाद के प्रीति किडनी एंड यूरोलॉजी अस्पताल में एक 32 साल की महिला मरीज भर्ती थी. महिला को यूरेटर से जुड़ी एक गंभीर और जटिल समस्या थी. इस बीमारी के लिए रोबोटिक मॉडिफाइड लीच ग्रेगोइर यूरेटेरिक रीइम्प्लांटेशन नाम की बेहद जटिल सर्जरी की जरूरत थी.
- डॉक्टर अनूप कुमार ने गुरुग्राम में बैठकर एडवांस सर्जिकल रोबोटिक सिस्टम का कंट्रोल संभाला.
- हाई-स्पीड इंटरनेट और एडवांस्ड नेटवर्क की मदद से बिना किसी रुकावट या लैग (latency) के रोबोटिक आर्म्स ने हैदराबाद में मरीज की सर्जरी की.
- हैदराबाद में मौजूद डॉ. चंद्रमोहन वड्डी और उनकी मेडिकल टीम ने मौके पर पूरा सपोर्ट दिया.
- 1600 किमी की दूरी के बावजूद पूरा आपरेशन बेहद स्मूद और बिना किसी परेशानी के पूरा हुआ.
सरकारी अस्पताल के डॉक्टर का पहला ऐसा कमाल
यह पहली बार हुआ है जब भारत के किसी सरकारी संस्थान के सर्जन ने यूरोलॉजी के क्षेत्र में इतनी लंबी दूरी से टेलीसर्जरी को अंजाम दिया हो.
डॉ. अनूप कुमार ने अपनी इस कामयाबी के बाद भगवान, अपने माता-पिता, सीनियर डॉक्टर्स और अस्पताल प्रशासन का शुक्रिया अदा किया. उन्होंने कहा कि यह तकनीक आने वाले समय में देश के किसी भी कोने में बैठे मरीज तक बेहतरीन इलाज पहुंचाने का जरिया बनेगी.
आम मरीजों को क्या होगा इसका बड़ा फायदा
यह ऐतिहासिक सफलता साबित करती है कि अब सुपर-स्पेशियलिटी इलाज के लिए मरीजों को बड़े शहरों में धक्के खाने की जरूरत नहीं पड़ेगी:
- दूर-दराज के इलाकों में बैठे मरीजों को देश के टॉप सर्जन्स की सेवा सीधे मिल सकेगी.
- मरीजों और उनके परिजनों का बड़े शहरों में आने-जाने और ठहरने का भारी खर्चा बचेगा.
- इमरजेंसी के मामलों में मरीज को शिफ्ट करने में लगने वाला कीमती समय बचाया जा सकेगा.
- छोटे शहरों के अस्पतालों में भी रोबोटिक सिस्टम लगाकर बड़े डॉक्टर्स से जटिल सर्जरी करवाई जा सकेगी.
वाकई, यह भारत की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक क्रांतिकारी कदम है. अब भौगोलिक दूरियां इलाज में रुकावट नहीं बनेंगी, क्योंकि मॉडर्न सर्जरी का भविष्य अब हकीकत बन चुका है.

