नई दिल्ली। शेयर बाजार में मल्टीबैगर स्टॉक्स (Multibagger Stock) की कई कहानियां हैं, लेकिन स्वान डिफेंस एंड हैवी इंडस्ट्रीज (Swan Defence Share PriceI) की कहानी सच में हैरान कर देने वाली है। महज 3 साल के अंदर इस कंपनी का शेयर 2 रुपये से उछलकर 2000 रुपये के पार पहुंच गया है। अब कंपनी ने एक ऐसे नए और ऐतिहासिक ऑर्डर की जानकारी दी है, जिसका असर आने वाले समय में इसके शेयरों पर और भी पॉजिटिव रूप से देखने को मिल सकता है।
रु 40 से रु 2000 का सफर कैसे किया तय और क्या है अनिल अंबानी कनेक्शन?
यह कंपनी कभी अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप का अहम हिस्सा हुआ करती थी और इसे रिलायंस नेवल एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड (RNEL) के नाम से जाना जाता था। कर्ज में डूबी इस कंपनी की किस्मत तब पलटी जब जनवरी 2024 में स्वान एनर्जी (Swan Energy) ने इसका मैनेजमेंट कंट्रोल अपने हाथों में ले लिया। जनवरी 2025 से पहले इसका नाम बदलकर स्वान डिफेंस एंड हैवी इंडस्ट्रीज कर दिया गया। बेहतर मैनेजमेंट और नई रणनीतियों के दम पर ही यह पेनी स्टॉक आज बाजार का सुपरस्टार बन चुका है। स्वॉन डिफेंस का शेयर में 3.16 फीसदी से ज्यादा का उछाल देखने को मिला। जिसका शेयर 1,760 रुपये पर है। 2025 में इसका शेयर 40 रुपये के आसपास था है और साल 2026 पहुंचते-पहुंचते मार्च में इसने 2300 रुपये लेवल को भी पार कर लिया।
स्वान डिफेंस को आखिर कौन सा ऐतिहासिक ऑर्डर मिला है?
स्वान डिफेंस (SDHI) ने भारत के ग्रीन शिपबिल्डिंग (हरित पोत निर्माण) के सपने को एक नई उड़ान दी है। कंपनी ने 7 अप्रैल 2026 को घोषणा की है कि उसे एनर्जी वन लिमिटेड (Energy ONE Limited) से चार (4) 92,500 DWT अमोनिया डुअल-फ्यूल बल्क कैरियर बनाने का बड़ा ऑर्डर (कैटेगरी 4) मिला है। खास बात यह है कि यह भारत का पहला ऐसा ऑर्डर है, जो देश के शिपबिल्डिंग (Heavy Industries Share Price) इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा।
भारत में बनने वाले इन नए जहाजों की क्या खासियत होगी?
ये भारत में बनने वाले पहले अमोनिया डुअल-फ्यूल जहाज होंगे, जो कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद करेंगे। इतना ही नहीं, ये भारतीय शिपयार्ड में बनने वाले अब तक के सबसे बड़े कमर्शियल जहाजों में से एक होंगे।
- आकार: इन जहाजों की लंबाई 229.5 मीटर और चौड़ाई (beam) 37 मीटर होगी।
- डिजाइन: इन्हें दक्षिण कोरिया की दिग्गज कंपनी KMS-EMEC द्वारा डिजाइन किया जाएगा।
- प्रमाणीकरण: दुनिया की अग्रणी क्लास सोसाइटी डेट नोर्स्के वेरिटास (DNV) इन्हें क्लासिफाई करेगी।
जहाजों की डिलीवरी कब होगी और इस डील के पीछे कौन सी कंपनी है?
कंपनी के अनुसार, पहले जहाज की डिलीवरी अक्टूबर 2029 में होने की उम्मीद है। इसके बाद बाकी तीन जहाजों की डिलीवरी 4-4 महीने के अंतराल पर की जाएगी। ऑर्डर देने वाली कंपनी एनर्जी वन लिमिटेड, असल में जर्सी चैनल आइलैंड्स में रजिस्टर्ड न्यू एनर्जी वन (NEO) इन्वेस्टमेंट फंड की जनरल पार्टनर है। NEO ने जीरो एमिशन (शून्य उत्सर्जन) जहाजों में 2 अरब डॉलर (करीब 18,590 करोड़ रुपये) के निवेश का कार्यक्रम बनाया है ताकि ग्रीनहाउस गैसों को कम किया जा सके। साथ ही, NEO ने भारत में ग्रीन शिपिंग प्रोजेक्ट्स में सह-निवेश के लिए मैरीटाइम डेवलपमेंट फंड (MDF) हेतु सागरमाला फाइनेंस कॉर्प लिमिटेड (SMFCL) के साथ एक MoU भी साइन किया है। इस महा-ऑर्डर के बाद बाजार के जानकारों की नजरें एक बार फिर स्वान डिफेंस के शेयरों पर टिक गई हैं

