Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • ट्रंप ने फिर पार की हद! भारत को लेकर कह दी अपमानजनक बात
    • पंचायत से संसद तक: नारी नेतृत्व, डिजिटल सुशासन और विकसित भारत का संकल्प-प्रो. एस. पी. सिंह बघेल
    • बिलासपुर:अभिलाषा परिसर की EWS बिल्डिंग में छत से गिरकर युवक की मौत, युवती गंभीर—प्रेम प्रसंग की आशंका
    • खाकी को शर्मसार करने वाला मामला,बर्खास्त और रिटायर्ड पुलिस कर्मियों ने बनाया लुटेरों का गैंग,रौब में ऐसे करते थे शिकार…
    • स्व-जनगणना में बढ़ा जनउत्साह: डिजिटल भागीदारी से आकार ले रहा ‘नवा छत्तीसगढ़’
    • बैसाख मास शुक्ल पक्ष पुनर्वसु नक्षत्र एवं सर्वार्थ सिद्ध योग में श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए बदरीनाथ धाम के कपाट
    • आम जिंदगी जी रहा था शख्स, एक रिपोर्ट ने बदल ली लाइफ…
    • शुगर के मरीज हो जाएं अलर्ट! आपकी आंखों को अंदर से अंधा बना रही है डायबिटीज?
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Thursday, April 23
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»राष्ट्रीय»IVF की अधिकतम उम्र सीमा को चुनौती देने वाली 53 और 55 वर्ष की दो महिलाओं को बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा- फिटनेस टेस्ट कराइए
    राष्ट्रीय

    IVF की अधिकतम उम्र सीमा को चुनौती देने वाली 53 और 55 वर्ष की दो महिलाओं को बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा- फिटनेस टेस्ट कराइए

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inApril 23, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    नई दिल्ली: IVF और अन्य सहायक प्रजनन तकनीकों (ART) के लिए तय उम्र सीमा को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में अहम सुनवाई हुई है. 53 और 55 साल की दो महिलाओं ने ART (रेगुलेशन) एक्ट, 2021 में तय अधिकतम उम्र सीमा को चुनौती दी है. कानून के तहत 21 से 50 वर्ष की उम्र की महिलाओं को ही IVF जैसी तकनीकों की इजाजत है, जिसके कारण दोनों महिलाओं को इलाज से इनकार कर दिया गया था.

    महिलाओं ने गर्भधारण के लिए खुद को बताया फिट

    याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह उम्र सीमा मनमानी और भेदभावपूर्ण है तथा उनके मातृत्व और प्रजनन के मौलिक अधिकार का उल्लंघन करती है. महिलाओं ने कोर्ट में यह भी तर्क दिया कि उन्होंने मेडिकल सर्टिफिकेट जमा किए हैं, जिनमें खुद को गर्भधारण के लिए शारीरिक रूप से फिट बताया गया है. उनका कहना है कि पात्रता उम्र के बजाय व्यक्तिगत मेडिकल जांच के आधार पर तय होनी चाहिए.

    कोर्ट ने क्या कहा?

    बॉम्बे हाईकोर्ट ने फिलहाल अंतिम फैसला सुरक्षित रखते हुए संतुलित रुख अपनाया है. कोर्ट ने माना कि 50 वर्ष से अधिक उम्र में गर्भावस्था से जुड़े गंभीर स्वास्थ्य जोखिम हो सकते हैं और इस मुद्दे पर अदालत के समक्ष निर्णायक वैज्ञानिक डेटा उपलब्ध नहीं है. हालांकि, कोर्ट ने याचिका को खारिज भी नहीं किया.

    HC ने महिलाओं को दी मेडिकल टेस्ट की इजाजत

    अंतरिम आदेश में हाईकोर्ट ने दोनों महिलाओं को गर्भधारण की क्षमता और फिटनेस जांच के लिए मेडिकल टेस्ट कराने की अनुमति दे दी है. हालांकि, अदालत ने साफ किया है कि इसका मतलब IVF की मंजूरी देना नहीं है. कोर्ट ने मामले के कानूनी और चिकित्सकीय पहलुओं पर गहन विचार के लिए विशेषज्ञ राय मांगी है और एक एमिकस क्यूरी (न्याय मित्र) भी नियुक्त किया है.

    अब अगली सुनवाई में मेडिकल रिपोर्ट और विशेषज्ञों की राय के आधार पर यह तय होगा कि IVF के लिए तय उम्र सीमा में किसी तरह की छूट दी जा सकती है या नहीं.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    डिजिटल फ्रॉड के मामले में RBI की कार्रवाई, 5 बैंकों से पीड़ित को 1.31 करोड़ का मुआवजा दिलाया

    April 23, 2026

    पश्चिम बंगाल में आज पहले चरण की वोटिंग, इस चुनाव में महिलाएं बन सकती हैं ‘किंगमेकर

    April 23, 2026

    वलसाड में बड़ा सड़क हादसा,तीन बच्चों समेत छह लोगों की मौत…

    April 22, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.