Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • बिलासपुर:शासकीय सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल कोनी को मिली अत्याधुनिक ब्लड सेंटर संचालन की अनुमति…
    • बिलासपुर:तीर्थ यात्रा पर गए कारोबारी के घर चोरों ने बोला धावा, करोड़ों की चोरी से मचा हड़कंप…
    • इंडियन मार्केट में बड़ा धमाका :होंडा ने एक साथ पेश किए भारत में बने 10 टू-व्हीलर…
    • लोक निर्माण विभाग के सचिव ने जेलों में निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति की समीक्षा की
    • सूरत से महाराष्ट्र जा रही थी बस बाढ़ में फंसी, छत पर चढ़े यात्री, फिर पुलिस ने ली एंट्री, खाकी को सैल्यूट
    • दतिया उपचुनाव, सिंधिया की एंट्री, क्या दौरे से बदल जाएगा चुनाव का पूरा खेल?
    • भारी बारिश से मुंबई-राजस्थान रेल रूट बाधित: 24 ट्रेनें पूरी तरह रद्द
    • Breaking News :10 साल की जेल, 10 करोड़ जुर्माना, पेपर लीक पर कड़ी सजा वाले बिल को मोदी कैबिनेट की मंजूरी
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Friday, July 24
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»धर्म आस्था» गुरु पूर्णिमा :यहां है दुनिया का पहला गुरुकुल, जहां आज भी लगती श्रीकृष्ण की क्लास
    धर्म आस्था

     गुरु पूर्णिमा :यहां है दुनिया का पहला गुरुकुल, जहां आज भी लगती श्रीकृष्ण की क्लास

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inJuly 10, 2025
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    जहां श्रीकृष्ण, बलराम और सुदामा ने गुरु सांदीपनि से शिक्षा पाई, उन्हीं 51 गुरुकुलों में ज़िंदा है वही परंपरा जो इस स्थान को बनाता है इसे आध्यात्मिक शिक्षा की धरोहर। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर जानें माखनचोर से जुड़ी रोचक परंपरा।

    गुरु-शिष्य परंपरा की धरोहर मानी जाने वाली उज्जैन नगरी को विश्व के पहले गुरुकुल की भूमि होने का गौरव प्राप्त है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहां करीब 5268 वर्ष पूर्व महर्षि सांदीपनि का आश्रम स्थापित हुआ। यहीं भगवान श्रीकृष्ण, उनके भाई बलराम और सखा सुदामा ने 16 वि‌द्याओं और 64 कलाओं का अध्ययन किया था।

    गुरु पूर्णिमा पर्व पर गुरुवार को गुरु-शिष्य परंपरा को सम्मान देते हुए आश्रम से सुबह 10 बजे विशेष गुरु यात्रा निकाली जाएगी। नेतृत्व आश्रम के पं. राहुल व्यास व रूपम व्यास करेंगे। गुरुकुल में अब शिक्षा-दीक्षा का क्रम जारी नहीं है। ऋषि सांदीपनि के वंशज आनंद शंकर व्यास बताते हैं बसंत पंचमी पर अक्षर आरंभ की प्रक्रिया होती है। बच्चों की शिक्षा का श्रीगणेश होता है।

    आज भी जिंदा है परंपरा

    उज्जैन की गुरुकुल की परंपरा आज भी जारी है। शहर में 51 से अधिक गुरुकुल सक्रिय हैं, जहां परंपरागत वेद शिक्षा पद्धति से बटुकों को प्रशिक्षण दिया जाता है। हर गुरु पूर्णिमा पर गुरुकुलों में विशेष पूजन, गुरु वंदन और सांस्कृतिक कार्यकम होते हैं। इसी कारण उज्जैन को आध्यात्मिक शिक्षा की भूमि भी कहा जाता है।

    11 वर्ष की उम्र में आए थे श्रीकृष्ण

    पं. व्यास बताते हैं कि उज्जैन न केवल शिवभक्ति का केंद्र रही है, बल्कि महाभारत काल में शिक्षा का प्रमुख केंद्र रही है। कालांतर में यहीं सांदीपनि आश्रम ‘श्रीकृष्ण का विद्यालय’ कहलाया। आश्रम आज भी मंगलनाथ रोड स्थित अंकपात क्षेत्र में मौजूद है। यहां बाल कृष्ण, बलराम व सुदामा की शिलाएं, स्लेट और कलम के साथ अध्ययनरत मुद्रा में हैं। मान्यता है कि श्रीकृष्ण अध्ययन के लिए तो उनकी उम्र 11 वर्ष थी। उन्होंने कंस वध के बाद 64 दिन आश्रम में रहकर संपूर्ण शिक्षा प्राप्त की।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    देवशयनी एकादशी पर ऐसे करें लड्डू गोपाल का पूजन और शयन, संपूर्ण विधि

    July 24, 2026

    सावन में कब है नाग पंचमी ? काल सर्प दोष से मुक्ति का विशेष दिन, ढाई घंटे का है पूजा मुहूर्त

    July 23, 2026

    आषाढ़ पूर्णिमा पर लक्ष्मी कृपा से दिन होगा शुभ, इन 5 राशिवालों के धन-संपत्ति में होगी वृद्धि! , करें इन चीजों का दान

    July 21, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.