Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • गरीबों के नाम पर फर्जी कंपनियां और करोड़ों का खेल: कानपुर में 3200 करोड़ के महाघोटाले का मास्टरमाइंड को दबोचा
    • कर्नाटक के इस नाई का स्पेशल कस्टमर है एक बंदर
    • निर्माणाधीन बिल्डिंग में मिली दो लाश से ग्रेटर नोएडा इलाके में फैली सनसनी…
    • शिक्षक अभ्यर्थियों पर पुलिस का कहर, सम्राट सरकार पर भड़के मोदी के हनुमान चिराग पासवान
    • अमित शाह ने किया सुवेंदु अधिकारी के नाम का एलान, बंगाल को मिला नया सीएम, कल सुबह 11 बजे लेंगे शपथ
    • कोर्ट परिसर में डॉक्टर के परिजनों से मारपीट, डॉक्टरों का विरोध, हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं चरमराईं
    • पानीपत में घर की छत गिरने से बच्चे की मौत
    • कबाड़ में जान फूंक दी जशपुर के ‘वेस्ट टू बेस्ट’ इको पार्क ने, नवाचार और संरक्षण का बना छत्तीसगढ़ में मॉडल
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Saturday, May 9
    • खानपान-सेहत
    • फीचर
    • राशिफल
    • लेख-आलेख
    • व्यापार
    • बिलासपुर
    • रायपुर
    • भिलाई
    • राजनाँदगाँव
    • कोरबा
    Chhattisgarh RajyaChhattisgarh Rajya
    Home»संपादकीय»मुख्यधारा के विकास से जुड़तीं महिलाएं…
    संपादकीय

    मुख्यधारा के विकास से जुड़तीं महिलाएं…

    chhattisgarhrajya.inBy chhattisgarhrajya.inJanuary 22, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    संप्रति महिलाओं के माध्यम से एक प्रभावी आर्थिक क्रांति आकार ले रही है। लाखों महिलाएं सिलाई, खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, स्थानीय व्यापार और हस्तशिल्प जैसे छोटे, अनौपचारिक उद्यमों से अपनी आजीविका चला रही हैं। यह उनका पहला स्थायी और स्वतंत्र आय का स्रोत बनता है। इस परिवर्तन में माइक्रोफाइनेंस ने एक निर्णायक भूमिका निभाई है।

    बिना गारंटी वाले ये छोटे कर्ज, जो घर की दहलीज पर ही आसान किस्तों पर उपलब्ध हैं, महिलाओं की आजीविका और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने, परिवार की आय को सुदृढ़ करने और अर्थव्यवस्था में सक्रिय भागीदारी करने में सक्षम बनाते हैं। इन महिलाओं के लिए माइक्रोफाइनेंस केवल वित्तीय सहायता नहीं, बल्कि सम्मानजनक आजीविका का माध्यम और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने वाली एक जीवनरेखा बनकर उभरा है।

    एक ऐसे दौर में जब तमाम प्रयासों के बीच ग्रामीण और अर्ध-शहरी भारत में पारंपरिक बैंकों की पहुंच अब भी कुछ अपेक्षाकृत रूप से सीमित है, तब इस स्थिति में माइक्रोफाइनेंस एक वरदान बनकर उभरा है। आज माइक्रोफाइनेंस भारत के दूर-दराज वाले इलाकों तक गहराई से अपनी पैठ बना चुका है। यह देश के 720 जिलों में लगभग 7.5 करोड़ ऐसे लोगों को अपनी वित्तीय सेवाओं का लाभ दे रहा है, जिस तबके के लोगों की आय कम है।

    इनमें देश के 112 आकांक्षी जिले भी शामिल हैं। इन लाभार्थियों में लगभग 100 प्रतिशत महिलाएं हैं, जिनके लिए माइक्रोफाइनेंस औपचारिक ऋण प्रणाली से जुड़ाव की पहली कड़ी बन गई है। इसने आर्थिक पिरामिड के सबसे निचले स्तर तक औपचारिक वित्त को पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस दृष्टि से यह कहना उचित होगा कि माइक्रोफाइनेंस वित्तीय समावेशन का सशक्त स्तंभ बनकर उभरा है।

    माइक्रोफाइनेंस के माध्यम से ऋण प्राप्त करने वाले अधिकांश लोग पहली पीढ़ी के उद्यमी होते हैं, जिनके व्यवसाय समय के साथ धीरे-धीरे विकसित होते हैं। प्रारंभिक ऋण जोकि ₹30,000 से ₹50,000 के बीच होता है, उसका उपयोग बुनियादी उपकरण खरीदने में किया जाता है। अगले चरण के ऋण चक्र आय के स्रोतों में विविधता और उत्पादन विस्तार को संभव बनाते हैं। तयशुदा किस्तें वित्तीय अनुशासन को बढ़ावा देती हैं और नियमित आय परिवारों को अस्थायी मजदूरी की अनिश्चितता से बाहर निकालने में सहायक होती है। यह परिवर्तन केवल अनुभवजन्य नहीं, बल्कि संरचनात्मक भी है।

    वर्ष 2021 में एनसीएईआर के एक अध्ययन के अनुसार माइक्रोफाइनेंस का भारत की अर्थव्यवस्था में योगदान कुल सकल मूल्य वर्धन का लगभग 2.03 प्रतिशत है और यह लगभग 1.30 करोड़ लोगों को रोजगार प्रदान करने में सहायक बना है। इससे स्पष्ट है कि माइक्रोफाइनेंस आज वर्तमान भारत की आर्थिक संरचना का एक महत्वपूर्ण घटक बन चुका है। माइक्रोफाइनेंस परिदृश्य पर आरबीआइ द्वारा विनियमित संस्थाएं सख्त दिशानिर्देशों, फेयर प्रैक्टिसेज कोड और उद्योग की आचार संहिता के तहत जिम्मेदार ऋण प्रथाओं का पालन करती हैं, जिससे महिला उधारकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।

    आरबीआइ के अनुसार किसी उधारकर्ता की कुल माइक्रोफाइनेंस ऋण चुकौती उसकी घरेलू आय के 50 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती। इसके साथ ही आरबीआइ द्वारा मान्यता प्राप्त स्व-नियामक संगठन माइक्रोफाइनेंस इंडस्ट्री नेटवर्क यानी एमएफआइएन द्वारा निर्धारित प्रविधान भी लागू होते हैं। इसमें उधार की सीमा को निर्धारित कर ऋण जोखिम को कम किया जाता है। इसके साथ ही त्रिस्तरीय शिकायत निवारण प्रणाली भी मौजूद है, जिसमें एमएफआइएन दूसरे स्तर की व्यवस्था को चौबीसों घंटे संचालित करता है। ये सभी सुरक्षा प्रविधान जवाबदेही सुनिश्चित करते हैं।

    उधारकर्ताओं की रक्षा करते हैं और समग्र सेक्टर की दीर्घकालिक स्थिरता को मजबूती प्रदान करते हैं। इसके बावजूद अपने प्रमाणित प्रभाव के बावजूद माइक्रोफाइनेंस सेक्टर इस समय गंभीर नकदी संकट से जूझ रहा है। इसके कारण करीब 50 लाख जरूरतमंद औपचारिक ऋण व्यवस्था से बाहर हो गए हैं। इससे उनके फिर से साहूकारों और बिना नियमन वाली अनौपचारिक ऋण व्यवस्थाओं के शिकंजे में फंसने का जोखिम बढ़ गया है। ऐसे में, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को महंगे कर्ज के दुष्चक्र में फंसने से बचाने के लिए संगठित और विनियमित माइक्रोफाइनेंस में औपचारिक वित्त का प्रवाह बनाए रखना आवश्यक हो गया है।

    प्रभाव के स्तर पर भी देखा जाए तो आय अर्जन से इतर माइक्रोफाइनेंस का सामाजिक प्रभाव गहरा और स्थायी है। यह महिलाओं की घरेलू निर्णय भूमिका को सशक्त करता है, शिक्षा-स्वास्थ्य में निवेश बढ़ाता है और बचत की आदत को प्रोत्साहित करता है। जैसे-जैसे महिलाएं वित्तीय योगदानकर्ता और रोजगार सृजनकर्ता बनती हैं, वे परिवार और समुदाय दोनों में सामाजिक सम्मान और आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल करती हैं। महिला-केंद्रित विकास की दिशा में बढ़ते भारत के लिए, निरंतर पूंजी प्रवाह और सशक्त नियामक निगरानी के साथ माइक्रोफाइनेंस एक बुनियादी स्तंभ बना रहेगा, जो आजीविका के माध्यमों को मजबूत कर भारत की विकास गाथा में निर्णायक योगदान देने में सक्षम बन रहा है।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email
    chhattisgarhrajya.in
    chhattisgarhrajya.in
    • Website

    Related Posts

    ममता का ‘चुनावी लूट’ नारा

    May 7, 2026

    बंगाल और तमिलनाडु : वैचारिक जनादेश भी

    May 6, 2026

    ‘परिवर्तन’ के जनादेश

    May 5, 2026

    Address - Gayatri Nagar, Near Ashirwad Hospital, Danganiya, Raipur C.G.

    Chandra Bhushan Verma
    Owner & Editor
    Mobile - 9826237000 Email - chhattisgarhrajya.in@gmail.com
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.