बांकुड़ा: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को तृणमूल कांग्रेस पर संसद में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 को पारित होने से रोककर महिलाओं के साथ विश्वासघात’’ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों में महिलाएं सत्तारूढ़ दल को सजा देंगी। बांकुड़ा जिले के बिष्णुपुर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल ने कांग्रेस के साथ मिलकर उस विधेयक को पारित होने से रोका, जिसका उद्देश्य संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देना था क्योंकि वह ‘महिला सशक्तीकरण के खिलाफ’ है।
पीएम मोदी ने कहीं ये बातें
- पीएम ने कहा कि हमने देखा कि संसद में तृणमूल ने महिलाओं के साथ किस तरह विश्वासघात किया। तृणमूल ने कांग्रेस के साथ मिलकर इस विधेयक को रोकने की साजिश रची, क्योंकि वह महिला सशक्तीकरण के खिलाफ है।
- दूसरी ओर बीजेपी की पहचान महिला सशक्तीकरण, उनकी सुरक्षा और सम्मान से जुड़ी है। यही कारण है कि देशभर की महिलाएं भाजपा को आशीर्वाद देती हैं।
- हम चाहते हैं कि विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की भूमिका बढ़े और अधिक से अधिक महिलाएं राजनीति में आएं। लेकिन पश्चिम बंगाल ने एक बार फिर देखा है कि तृणमूल ने राज्य की बहनों और बेटियों के साथ विश्वासघात किया।
- तृणमूल पर महिला आरक्षण और महिला सशक्तीकरण दोनों का विरोध करने का आरोप लगाते हुए मोदी ने कहा कि राज्य की महिला मतदाता इस पार्टी को करारा जवाब देंगी।
- तृणमूल महिला सशक्तीकरण और आरक्षण नहीं चाहती। पश्चिम बंगाल की महिलाएं उसे सजा देंगी।
महिला सशक्तीकरण का विरोध करती है टीएमसी: पीएम मोदी
पीएम मोदी की ये टिप्पणियां उस घटनाक्रम के दो दिन बाद आई है, जब बीजेपी नीत केंद्र सरकार लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पारित कराने में सफल नहीं हो सकी। यह विधेयक 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन कराकर 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने से संबंधित था। पीएम मोदी ने तृणमूल पर तुष्टिकरण की राजनीति करने और महिलाओं को प्रतिनिधित्व से वंचित रखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यही तृणमूल घुसपैठियों को लाभ पहुंचाने के लिए हर कानून और हर नियम तोड़ती है, लेकिन महिला सशक्तीकरण का विरोध करती है।

