धर्म आस्था
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पितृपक्ष में नई चीजों को खरीदने का आखिर किस पर लागू होता है नियम, जानें सिर्फ एक क्लिक में
पितृपक्ष की शुरुआत होते ही लोग अक्सर इस दुविधा में पड़ जाते हैं कि वे नई चीजों को खरीदें या नहीं? ऐसे में सवाल यह भी उठता है अगर ऐसा कोई नियम है तो क्या वह परिवार के सभी सदस्यों पर लागू होता है? पितरों से जुड़े पितृपक्ष को लेकर क्या कहते हैं धर्म के जानकार, जानने के लिए पढ़ें…
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पितृपक्ष में आज प्रतिपदा का किया जाएगा श्राद्ध, जानें पितरों को कब और कैसे जल देने से मिलेगा आशीर्वाद
हिंदू धर्म में आश्विन मास के कृष्णपक्ष की प्रतिपदा से लेकर आश्विन मास की अमावस्या का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है क्योंकि इन्हीं 15 दिनों में पितरों की मुक्ति के लिए विशेष रूप से श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान किए जाते हैं. सनातन परंपरा में जिन तीन प्रमुख ऋण को चुकाने की बात कही गई है, उसमें से एक पितृ…
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अगर गलती से दिख जाए चंद्र ग्रहण तो कैसे दूर होगा उसका दोष? जानें महाउपाय सिर्फ एक क्लिक में
आज रात को साल का अखिरी चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है जो कि 09:58 पर शुरू होकर देर रात या फिर कहें 08 सितंबर 2025 को पूर्वाह्न 01:26 बजे खत्म होगा. हिंदू मान्यता के अनुसार चंद्र ग्रहण का घटित होना बेहद अशुभ घटना है. यही कारण है कि धर्मशास्त्र में चंद्र ग्रहण को न सिर्फ देखने बल्कि इस दौरान…
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मीठी और कुर्बानी की ईद से कितनी अलग है ईद-ए-मिलाद-उन-नबी? जानें कैसे मनाया जाता है ये पर्व
इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार रबी-उल-अव्वल के 12वें दिन मनाई जाने वाली ईद-ए-मिलाद-उन-नबी ईद-उल-फितर और ईद-उल-अजहा से कितनी अलग है? इस दिन का इस्लाम धर्म में इतना महत्व क्यों है? जानें यह पर्व कब और कैसे मनाया जाएगा? इस्लाम धर्म में ईद-ए-मिलाद-उन-नबी पर्व का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है क्योंकि इस्लामिक मान्यता के अनुसार रबी-उल-अव्वल के 12वें दिन ही पैग़ंबर…
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पितृपक्ष 7 सितंबर से, पितरों के आशीर्वाद से सुख सौभाग्य की होती है प्राप्ति
पितृपक्ष जिस श्राद्ध भी कहा जाता है। पितृपक्ष का सनातन धर्म में बहुत ही विशेष महत्व होता है। मान्यताओं के अनुसार, इन 15 दिन पितृ अपने परिवार को आशीर्वाद देने का लिए धरती पर आते हैं। उनकी आत्मा की शांति के लिए तर्पण आदि कार्य किए जाते हैं। कहा जाता है कि विधि विधान से पितरों के नाम से तर्पण…
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साधना की वृद्धि से ही होगी आत्म शुद्धि : मनीष सागर
रायपुर । टैगोर नगर पटवा भवन में जारी चातुर्मासिक प्रचवनमाला में बुधवार को युवा मनीषी मनीष सागरजी महाराज ने कहा कि स्वार्थ परायण, भोग परायण नहीं बनना है। धर्म कार्य में सीमित नहीं रहना है। मोक्ष की साधना करना है। इन चार पुरुषार्थ में मोक्ष का पुरुषार्थ सबसे उच्च है। स्वार्थ हावी होने से परमार्थ समझ नहीं आता। साधना की वृद्धि…
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सितंबर महीने में कब लगेगा पंचक, जानें 5 दिनों तक आखिर कौन से नहीं करने चाहिए काम
ज्योतिष के अनुसार किसी भी काम में अगर मनचाही सफलता पानी हो तो उसे हमेशा शुभ तिथि और समय में प्रारंभ करना चाहिए. मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में काम करने से जहां उसकी सफलता की संभावना बढ़ जाती है तो वहीं अशुभ समय में किये गये कार्य में अड़चनें आने की आशंका बनी रहती है. यदि बात करें पंचक…
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चंद्रग्रहण कब है? जानें सूतक काल का समय और 12 राशियों पर प्रभाव, जानने के लिए सिर्फ एक क्लिक …
सनातन परंपरा में जिस चंद्रग्रहण को अशुभ घटना माना जाता है वो सितंबर महीने में लगने जा रहा है. पंचांग के अनुसार साल का आखिरी चंद्रग्रहण 07 सितंबर 2025 को लगेगा. यह पूर्ण चंद्रग्रहण रहेगा और पूरे भारत समेत देश-दुनिया में दिखाई देगा. ज्योतिषविदों के अनुसार साल का आखिरी चंद्रग्रहण ग्रहण ज्योतिष एवं धार्मिक दृष्टि से अत्यधिक महत्वपूर्ण रहने वाला…
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धन से जुड़े 10 बड़े वास्तु दोष, जिसकी अनदेखी करने पर आदमी हो जाता है कंगाल
पंचतत्वों पर आधारित वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के भीतर यदि चीजें सही दिशा और स्थान पर हों तो व्यक्ति के सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है, वहीं इसके विपरीत होने पर अक्सर उसे तमाम तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. अगर आपको लगता है कि परिश्रम और प्रयास करके आप धन तो खूब कमा लेते हैं लेकिन वह…
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बेंगलुरु का गणेशोत्सव: कला और संस्कृति का अद्वितीय संगम, जानिए बाकी जगहों से क्यों है खास…
बेंगलुरु का गणेश उत्सव सिर्फ धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि एक ऐसा सांस्कृतिक संगम है, जो दस दिनों तक शहर को कला, संगीत और भक्ति से सराबोर कर देता है. बेंगलुरु गणेश उत्सव को खास बनाता है उसका यह संतुलन—भक्ति और उत्सव का ऐसा मेल, जहां धर्म, संस्कृति और समाज तीनों का संगम होता है. यही वजह है कि हर साल…
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